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Mangal Dosh

मंगल दोष क्या है ?

जब किसी जातक की कुंडली में मंगल के दुश प्रभावों के कारण जातक के विवाहित जीवन पर बुरा असर पड़ने लगता है तो उसे हम मांगलिक दोष के नाम से जानते है !

मंगल ग्रह और हम

कुछ 8000 भारतीयों ने मार्स वन मिशन के लिये सवेच्छा से खुद का नामांकन किया हे । इस प्रबन्ध के अनुसार वे मार्स (मंगल ग्रह) पर जाकर रह पायेंगे । हम मंगल के प्रति कुछ ज़्यादा ही संवेदनशील क्यूं हैं? मंगल ग्रह भारतीय विवाह मैं इतनी मेहतवपूर्ण भूमिका क्यूं निभाता हे? आइये जानें

मंगल और मांगलिक दोष

मांगलिक दोष ने समाज के हर वर्ग को भयभीत कर रखा हे । यदि फिल्म जगत की बात करैं तो ऐश्वर्य राए ने अभिषेक बच्चन से शादी करने से पहले बॅड विवाह (बरगद के पेड़ से विवाह) किया था । ऐसा माना जाता हे की रेखा और लीना चन्दवर्कर भी मांगलिक हैं और इन मंगल दोष के कारण इनका वेवाहिक जीवन सुखमय नहीं रहा ।

कई मॅट्रिमोनियल वेबसाइट ने उन लोगों के लिये अलग विभाग बना दिया हे जो मांगलिक मैच ढूंड रहे हैं। बल्कि यह कहना बिल्कुल उचित होगा की यदि किसी बच्चे की कुंडली मैं यह दोष निकलता हे तो उसके पेरेंट्स की रातों की नींद और दिन का चैन दोनो ही उड़ जाते हैं । और फिर शुरू होते हैं अनगिनत पंडितों के चक्कर और उपाय के नाम पे पैसे और समय का नाश ।

मंगल का हव्वा क्यूं?

जिस जातक की कुंडली मैं मंगल 1, 4, 7, 8, ओर 12 घर मैं स्तिथ हो वह मांगलिक होता हे । मंगल उष्ण प्रकृति का ग्रह है, इसे पाप ग्रह माना गया है और ज्योतिष विज्ञान मैं इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान हे । मंगल की स्थिति से रोजी रोजगार एवं कारोबार मे उन्नति एवं प्रगति होती है तो दूसरी ओर इसकी उपस्थिति वैवाहिक जीवन के सुख बाधा डालती है. वैवाहिक जीवन में शनि को विशेष अमंलकारी माना गया है.

मांगलिक होने के दुष्प्रभाव

ऐसा माना जाता हे की यदि एक मांगलिक एक अमांगलिक से विवाह करे तो इस के भयानक परिणाम हो सकते हैं – दोनो मैं से एक की म्रत्यु भी हो सकती हे । यह एक बहुत बड़ा कारण हे की मांगलिक लोगों का विवाह देर से होता हे । उन्हैं अपना उचित वर ढूंडने मैं ही काफी समय लग जाता हे । इस दोष को गहराई से समझना आवश्यक है ताकि इसका भय दूर हो सके ।

आम विचारधारा

मांगलिक व्यक्ति विनम्र, निर्भय, प्रभावशाली, होशियार, केंद्रित, अनुशासित पर गुस्सैल होते हैं । उनमैं से जो वाइब्रेशन्स उत्पन्न होती हैं वे बहुत शक्तिमान एवं तेजस्वी होती हैं । इसी कारण ऐसा माना जाता हे की सिर्फ एक मांगलिक ही दूसरे मांगलिक की प्रकृति के साथ शांतिपूर्वक निभा सकता हे । एक और विचारधारा जो हमारे समाज मैं प्रचलित हे वह ये हे की 28 साल की उम्र के बाद मंगल का दोष कम हो जाता हे ।

मांगलिक दोष के उपाय

कुछ मंगल दोष निवारण उपाय बहुत प्रसिद्ध हैं (यहाँ दिये गये उपाय सिर्फ ऐसे प्रचलित उपायों की सूची मात्र हे)…. कहते हैं की हनुमान जी मंगल के भगवान हैं और उनको सिन्दूर चढ़ाने से मंगल शांत होता हे । मसूर की डाल और शहद को पानी मैं बहाने से भी लाभ मिलता हे । हिरण की खाल पे सोना और चांदी के बर्तनों मैं खाना भी मांगलिक दोष के उपाय हैं