नवग्रह शांति पूजा

navgraha-puja.jpg
नवग्रह शांति क्या है ?

नवग्रह नौ ब्रह्मांडीय वस्तुएं हैं और ऐसा कहा जाता है कि इनका मानव जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। ये नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू और केतु हैं।

नवग्रह नौ ब्रह्मांडीय वस्तुएं हैं और ऐसा कहा जाता है कि इनका मानव जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। ये नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू और केतु हैं। सूर्य एक तारा है जबकि मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि सौर मंडल के ग्रह हैं। चंद्र, चंद्रमा है और राहू तथा केतु इसके दो बिंदु हैं। जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो सही समय नोट कर लिया जाता है। दिए गए समय के अनुसार ही नवग्रहों की सही स्थिति की गणना की जाती है। इन गानों की सहायता से बच्चे की जन्मकुंडली बनाई जाती है। ऐसा विश्वास है कि जन्म कुंडली की सहायता से ज्योतिषी प्रत्येक बड़ी घटना, खुशी, बीमारी, दुःख और यहाँ तक कि मृत्यु के समय का भी अनुमान लगा सकते हैं।

जीवन में कठिन क्षण आने पर जन्मकुंडली देखकर परामर्श लिया जाता है। जन्मकुंडली की सहायता से सही रास्ता चुनने में सहायता मिलती है। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कोई बड़ा निर्णय लेते समय या जीवन में परिवर्तन के समय जन्मकुंडली दिखाते हैं। शादी की जोडियाँ बनाते समय, करियर चुनते समय, शादी का मुहूर्त, गृह प्रवेश और आदि अन्य कई बातों के लिए जन्मकुंडली का सहारा लिया जाता है।

नवग्रहों की पूजा करते समय क्या करें और क्या न करें

किसी ग्रह की पूजा या परिहार उस दिन करना चाहिए जो दिन उस ग्रह के लिए निश्चित किया गया हो। समय और मुहूर्त भी बहुत महत्वपूर्ण है। इनका अनुसरण करने से आपके जीवन में अच्छे परिवर्तन आ सकते हैं।

कई लोग परिहार करते समय उपवास रखते हैं। यह आवश्यक नहीं है, निश्चित रूप से ऐसा करना अच्छा होता है और इससे अच्छे ही परिणाम मिलते हैं। परन्तु जिस भगवान की आप पूजा कर रहे हैं यदि उनकी पूजा करने के कुछ नियम हैं, तो आपको उनका पालन अवश्य करना चाहिए। परिहार के दिन मांसाहार का सेवन न करना एक आम नियम है।

Navigation

Social Media